सिर कट्टी लाष की षिनाख्तगी व 48 घण्टे में हत्या का आरोपी गिरफ्तार (साईबर सैल की रही विषेष भूमिका)
Date : Thursday, November 23, 2017 View PDF

सिर कट्टी लाष की षिनाख्तगी व 48 घण्टे में हत्या का आरोपी गिरफ्तार (साईबर सैल की रही विषेष भूमिका) दिनांक 19.11.2017 को प्रार्थी श्री श्यामलाल पिता रामलाल जाति मीणा निवासी आम्बाखेंडा हाल सरपंच प्रतिनिधि खोरिया ने बमुकाम झांतला बांध पर एक लिखित रिपोर्ट दी, कि आज दिन में 12 बजे करीब झांतला तालाब के किनारे एक बोरी में लाष पडी हैं सूचना पुलिस थाना रठांजना पर दी, मौके पर झांतला तालाब के किनारे पहंुचा जहां काफी लोग बाग इक्कट्ठे हो गये। किनारे पर एक बोरी टाट की पडी हो मुंह बांध रखा था उक्त बोरी को आपके आने पर खोल कर देखा तो अन्दर एक महिला की लाष पडी हो सिर नहीं था लाष पुरी तरह सफेद हो चमडी उतरी हुई हैं। दाहिने हाथ की कलाई पर ’’ऊं भाई लीम्बू बेन मांगूडी’’ गुदा हुआ हैं। बोरी के अन्दर तीन चार पत्थर निकले हैं व एक जोडी लेडीज चप्पल व एक जोडी जेन्टस सैंडिल रखे हुए हैं, उम्र करीब 35 वर्ष हैं लाष करीब एक दो दिन पुरानी लग रहीं हैं। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा सबूत मिटाने के आषय से हत्या कर लाष को बोरी में भरकर बांध में डाल दी हैं। वगैरा रिपोर्ट से मामला अपराध धारा 302, 201 भारतीय दण्ड संहिता में प्रकरण दर्ज किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एवं त्वरित कार्यवाही हेतु श्रीमान षिवराज जी मीणा जिला पुलिस अधीक्षक व श्री रतनलाल भार्गव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ के निर्देषन में पुलिस उप अधीक्षक वृत छोटीसादडी श्री ओमप्रकाष उपाध्याय व पुलिस उप अधीक्षक पीपलखूंट श्री जगराम मीणा के नेतृत्व में श्री भगवान लाल उप निरीक्षक थानाधिकारी रठांजना, रोहित कुमार थानाधिकारी देवगढ, साईबर सैल प्रभारी श्री फैलीराम मीणा एवं थाना रठांजना से श्री रामलाल सहायक उप निरीक्षक, हैड कानिस्टेबल श्री गोविन्दसिंह, वासुदेव, एवं कानिस्टेबल धीरेन्द्र प्रताप, महेन्द्र, ताराचन्द, प्रभुराम, श्रवण, विनोद, हरिराम, राहुल, सावंरमल, चन्दुलाल की विषेष टीम गठित की। गठित विषेष टीमों द्वारा सोषल मीडिया पर लाष की षिनाख्तगी का प्रचार प्रसार किया जाकर षिनाख्तगी के प्रयास किये। टीमों के अथक प्रयास के परिणामस्वरूप बिना सिर की लाष मांगूडी उर्फ मांगीबाई पत्नि बंषीलाल मीणा उम्र 36 वर्ष निवासी खोरिया थाना रठांजना की होना मृतका के पति व उसके भाई लिम्बाराम निवासी बडी बम्बोरी थाना देवगढ ने क्रमषः अपनी पत्नि व अपनी बहिन होना पहचान किया। बाद षिनाख्तगी के लाष का पोस्टमार्टम जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ लाष उसके पति को सिपुर्द की गई। मौके पर अज्ञात बदमाषानों का पता लगाने के लिए एफएसएल यूनिट बांसवाडा के इंचार्ज डाॅ. बलवंत सिंह खज्जा व साईबर सैल प्रभारी श्री फैलीराम मीणा को बुलाया व अवलोकन करवाया। गठित टीमों के अथक प्रयासों से संदिग्ध जगदीष मीणा की तलाष की गई। आज दिनांक 22.11.2017 को जगदीष पिता भगवानलाल मीणा उम्र 23 साल निवासी खोरिया थाना रठांजना को उसके कुए से डिटेन कर थाने पर लाया जाकर सख्ती से पुछताछ करने पर जगदीष टूट गया काकी की हत्या करना कबूल कर लिया। गहनता से पूछताछ पर बताया कि मेरी काकी मांगुडी मुझे देखकर हंसती व चुनकिया भरती थी, आज से करीब एक साल पहले मैं मेरी काकी के मेरे अवैध सम्बन्ध हो गये थे। मेंरी काकी सम्भोग करने के बाद पैसे की मांग करती थी। आज से करीब 20 दिन पहले मेरी काकी की लडकी गीता की शादी तय हो गई जिसके लिए काकी ने मेरे से 10 हजार रूपये मांगे। मैंने एक हजार रूपये दे दिये, फिर भी मेरी काकी 10 हजार रूपये उधार मांगकर लाने की जिद कर रही थी। मेरे पास पैसे नही थे, मुझे लगा कि यदि मैंने काकी को पैसे नहीं दिये तो काकी मेरे द्वारा बनाये गये संभोग वाली बात को ओपन कर देगी जिससे मेरी जाति समाज बदनामी से फैसला होगा जो एक से डेढ लाख रूपये देना पडे़गा और बदनामी होगी। इस पर मैंने मेरी काकी की हत्या कर लाष को गायब कर देने का प्लान बनाया। दिनांक 13.11.2017 को सुबह 7.30 बजे मैं ओर मेरी काकी बनेडिया मोसी के यहां से शादी के लिए पैसे लाने का बहाना बनाकर मेरी मोटरसाईकिल स्पेलण्डर पर खोरिया से रवाना हो गये। मेरी योजना के मुताबिक मैंने काकी की हत्या करने के लिए मेरे घर से धारदार छुर्रा मेरे शर्ट में छाती के पास पहले से छुपा दिया और सांवरिया जी के लिए हनुमान चैराहा होकर धोलापानी थाने से आगे बरोल घाटा पहुंचे कि मैंने हाथ मुंह धोने का बहाना बनाकर रोड़ के करीब 100 फीट की दूरी पर एक निषान बना झरमरीयों के सूखे पत्तो में छुर्रा छुपाकर वापस रोड पर आ गया और सीधे सांवरिया जी में एक होटल में मेरे आधार कार्ड से एक कमरा किराये पर लिया और उस कमरे में एक बार मेरी काकी के साथ संभोग किया। इसके बाद गोलीयां खाकर संभोग करने के लिए गोलीयां लाने का बहाना बनाकर मैं सांवरिया जी से सीधे खोरिया अपनी उपस्थिति बताने के लिए मोटरसाईकिल लेकर आ गया। थोडी देर खोरिया में इधर उधर घूमा मेरे काके ने पुछा की तेरी काकी कहां हैं, तो मैंने बताया कि मैंने प्रतापगढ बस स्टेण्ड छोड दी हैं। मैं बिना समय गंवाये तुरंत मोटरसाईकिल से सांवरिया जी काकी के पास पहुंच गया ओर काकी को पुनः लेकर बरोल घाटा पहुंचा रास्ते में ढाबे से एक बीयर ले ली। बीयर पीने के लिए काकी को छुर्रा छुपाये स्थान पर ले गया मैंने बीयर पी व काकी को संभोग करने के लिए कहा काकी सो गई। मैंने संभोग करते हुए काकी की गर्दन को छुर्रा से काटकर अलग कर दिया। मैं नषे में था मुंडी को लेकर मेरे कुंए पर आ गया जहां चारे की किंदोड में छुपा दिया फिर मैं बोरी रस्सी लेकर पुनः बरोल घाटा पहुंचा जहां छुर्रा से कडियों को निकाल कर लाष को बोरे में भरकर मेरी व मेरी काकी की खून से लथपथ चप्पलों को उसी बोरे में डाल बोरे को मोटरसाईकिल पर बांधकर झांतला बांध की पाल पर आकर बोरे में पुनः खोलकर मोटे मोटे तीन चार पत्थर भरकर बोरे का मुंह बांधकर झांतला बांध में फेंक दिया। दूसरे दिन मुंडी को पाठा के एनिकट में बना कुंए में कटटे में भरकर डाल दिया। अभियुक्त जगदीष मीणा द्वारा वारदात को अंजाम देना स्वीकार करने व अनुसंधान से अभियुक्त के विरूद्ध 302, 201 भादस का अपराध प्रमाणित पाया जाने से थाना हाजा के प्रकरण संख्या 113/2017 धारा 302, 201 भादस में गिरफ्तार कर अभियुक्त की निषादेही से निरीक्षण घटनास्थल बरोल घाटा कर फर्द मुर्तिब की गई। अभियुक्त जगदीष मीणा की मुताबिक सुचना के पाठा एनिकट पहुंच मृतका का सिर बरामद कर पोस्टमार्टम हेतु जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ रखवाया गया। अभियुक्त से अनुसंधान जारी हैं, अभियुक्त से अलाय जरब व मोटरसाईकिल व आभूषण बरामद करना शेष हैं। जो न्यायालय से रिमाण्ड प्राप्त कर अग्रीम अनुसंधान होगा। पुलिस अधीक्षक जिला प्रतापगढ़ (राज.)